जल महिमा
एक दिन हम कहीं से आ रहे थे
और जल देवता चले जा रहे थे
हम बोले कहाँ ?
वो बोले जय सिया राम!
हम बोले किधर को प्रस्थान है?
वो बोले जहाँ सुंदर, स्वच्छ और निर्मल स्थान है
हम बोले हमारे घर आपको क्या कष्ट है
वो बोले तेरा घर ही तो सबसे ज्यादा नरक है
पर प्रभु हमने तो आपकी खूब सेवा की
हाँ! तभी तो दो लीटर की जगह
पांच लीटर की बर्बादी की
हे भगवन! एक सच से हम आपको अवगत करवाते हैं
इस संसार में आप कहीं सुखी नहीं रह पाएंगे
सुंदर, स्वच्छ और निर्मल स्थान के तलाश में
भटकते-भटकते हमारे दर पर ही आएँगे
जल देवता बोले वो कैसे?
हम बोले है जीवन दाता!
यह कलयुग है
यहाँ स्वच्छ और निर्मल विचरण करना आपके लिए कठिन है
नदी, नाले सब सुख गए हैं
कुएं भी सब टूट गए हैं
खेतों की मीटी में ज़हर भर गया है
इंसानों का दिल पत्थर हो गया है
हर जगह कंक्रीट की दीवारें नज़र आती हैं
सागर से भी प्रदुषण की बू आती है
प्लास्टिक ने जीना दुश्वार कर दिया है
आपको कोई निवास स्थान नहीं बख्शा है
पानी पर सरकारे बहाई बनायी जाती हैं
राजनीति में आपके मेहता पायी जाती है
आज गंगा-जमुना भी पवित्रता पर रो रही हैं
मिनरल वाटर में कोडियों के भाव बिक रही हैं
अब बताइए आप क्या करेंगे!
क्या हमारे साथ चलेंगे?
अंत में हमने ही विजय पाई
और जलाधिश्वर को अपने घर में
संरक्षित जगह दिलाई
और जल देवता चले जा रहे थे
हम बोले कहाँ ?
वो बोले जय सिया राम!
हम बोले किधर को प्रस्थान है?
वो बोले जहाँ सुंदर, स्वच्छ और निर्मल स्थान है
हम बोले हमारे घर आपको क्या कष्ट है
वो बोले तेरा घर ही तो सबसे ज्यादा नरक है
पर प्रभु हमने तो आपकी खूब सेवा की
हाँ! तभी तो दो लीटर की जगह
पांच लीटर की बर्बादी की
हे भगवन! एक सच से हम आपको अवगत करवाते हैं
इस संसार में आप कहीं सुखी नहीं रह पाएंगे
सुंदर, स्वच्छ और निर्मल स्थान के तलाश में
भटकते-भटकते हमारे दर पर ही आएँगे
जल देवता बोले वो कैसे?
हम बोले है जीवन दाता!
यह कलयुग है
यहाँ स्वच्छ और निर्मल विचरण करना आपके लिए कठिन है
नदी, नाले सब सुख गए हैं
कुएं भी सब टूट गए हैं
खेतों की मीटी में ज़हर भर गया है
इंसानों का दिल पत्थर हो गया है
हर जगह कंक्रीट की दीवारें नज़र आती हैं
सागर से भी प्रदुषण की बू आती है
प्लास्टिक ने जीना दुश्वार कर दिया है
आपको कोई निवास स्थान नहीं बख्शा है
पानी पर सरकारे बहाई बनायी जाती हैं
राजनीति में आपके मेहता पायी जाती है
आज गंगा-जमुना भी पवित्रता पर रो रही हैं
मिनरल वाटर में कोडियों के भाव बिक रही हैं
अब बताइए आप क्या करेंगे!
क्या हमारे साथ चलेंगे?
अंत में हमने ही विजय पाई
और जलाधिश्वर को अपने घर में
संरक्षित जगह दिलाई

